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राजस्थान समान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

Sunday, March 21, 2021

बूंदी जिला दर्शन Bundi jila darshan

 बूंदी जिला दर्शन

बूंदी जिले के बारे में समान्य परिचय

बूंदी के उपनाम/प्राचीन नाम -

  • छोटी काशी  
  • राजस्थान की काशी  
  • द्वितीय काशी  
  • बावड़ियों का शहर 
  •  वृंदावती  
  • बुंदू का नाला

बूंदी का सामान्य परिचय -

  • बूंदी का क्षेत्रफल : 5776 वर्ग किलोमीटर।
  • बूंदी जिले में तहसीलों की संख्या : 5 
  • बूंदी में ग्राम पंचायतों की संख्या : 181 
  • बूंदी मेंउपखंडों की संख्या : 5 
  • बूंदी में पंचायत समितियों की संख्या : 7
  • अक्षांशीय स्थिति : 24 डिग्री 54 मिनट उत्तरी अक्षांश से 25 डिग्री 53 मिनट उत्तरी अक्षांश तक।
  • देशांतरीय स्थिति : 75 डिग्री 19 मिनट पूर्वी देशांतर से 76 डिग्री 19 मिनट 30 सेकंड पूर्वी देशांतर तक। 

बूंदी जिले के विधानसभा क्षेत्र -

  • बूंदी  
  • केशवरायपाटन 
  • हिंडोली

2011 की जनगणना के आंकड़े -

  • बूंदी जिले की जनसंख्या/घनत्व/लिंगानुपात/साक्षरता के आंकड़े निम्न प्रकार है -
  • बूंदी की कुल जनसंख्या : 11,10,906
  • बूंदी में जनसंख्या घनत्व : 192
  • बूंदी में पशु घनत्व : 167
  • बूंदी का लिंगानुपात : 925
  • बूंदी की साक्षरता दर : 61.5%
  • बूंदी की महिला साक्षरता दर : 46.6 प्रतिशत
  • बूंदी की पुरुष साक्षरता दर :75.4 प्रतिशत

बूंदी की नदियाँ 


घोडा पछाड नदी - यह नदी बूंदी की एक झील जोकि बिजोलिया के नाम से जानी जाती है। इस से निकलकर सागवाडा, बूंदी में मागली नदी में मिल जाती है।


अन्य नदिया -  चंबल, मांगली, मैंज, कुराल तालेडा आदि प्रमुख है।


जलाशय - नवलसागर जिसे नौ लखा जलास्य भी कहते हैं ये उम्मीद सिंह द्वारा निर्मित है।


कनकसागर - इसे दुगारी झील भी कहते हैं।


गरदडा सिंचाई परियोजना - यह होसलपुर गांव के नजदीक स्थित है।


गुंडा सिंचाई परियोजना - यह मेज नदी पर है।


अन्य बांध - नवलसागर, नवलखा, जैतसागर, इंद्राणी, भीम तल, फूलसागर, गुडाबांदा, हिंडोली, गंगा सागर, नमाना, चांदोलिया, अभयपूरा, पेच की बावडी तथा बरदा डेम 


रामगढ विषधारी अभयारण्य - बूंदी जिले में यह अभ्यारण्य तीन सौ सात वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत है अरावली की पहाडियों में है। यह सापों की शरणस्थली के नाम से भी जाना जाता है। इसमें बाघ, नीलगाय, हिरण बघेरा, जंगली मुर्गे रेज, जंगली कुत्ते तथा पांच सौ प्रकार के अन्य जीव पाए जाते हैं।


कनक सागर/दुगारी पक्षी अभयारण्य - लगभग बेहतर वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। कनक सागर पक्षी अभ्यारण की घोषणा वन्यजीव विभाग द्वारा 1987 में की गई थी। इसमें हंस, सारस, जलमुर्गी स्नेक, बर्ड, ग्रेट आदि पक्षी पाए जाते हैं।


चौरासी खम्भों की छतरी - इसे धबाई की छतरी के नाम से भी जाना जाता है। इसका निर्माण अनिरुद्ध के भाई देवा हाडा, अनिरुद्ध के भाई धाबाई कीस्मृति में करवाया गया।


रानी जी की बावडी - अनिरुद्ध की रानी नाथावती ने इसका निर्माण करवाया। यह राजस्थान की सबसे लंबी बावडीयों में से एक है।


तारागढ/तिलस्मी किला - सन 1354 ई. राय बरसिंह ने इसका निर्माण करवाया। यह दुर्ग चौदह सौ छब्बीस फिट ऊंची पहाडी पर स्थित है। इस दुर्गा का एक नक्सा सिटी पैलेस जयपुर में रखा हुआ है। इस दुर्ग में एकमात्र धीम बुर्ज जिसे चौबुर्जी कहते हैं स्थित है। जिसमें सोलहवि सदी की सबसे शक्ति शाली गर्म गुंजन तोप रखी हुई है। मेवाड के शासक लाखा ने तारागढ दुर्ग को जीतने की प्रतिज्ञा ली थी लेकिन वह इसे नहीं जीत सका तो बेबस लाखा ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए मिट्टी का नकली किला बनाकर इसे जीतकर प्रतिज्ञा पूरी की थी।


इंद्रगढ दुर्ग - यह भी बूंदी में स्थित है।


कपालीश्वर मंदिर - इंदरगढ में है।


बूंदी के चर्चित व्यक्तित्व


 सूर्यमल्ल मिश्रण - की यह बूंदी के राज्य कवि महाराव रायसिंह के दरबारी कवि थे। इन्हें रसाउतार कहा जाता है।इन्हें राजस्थान का वेदव्यास भी कहते हैं। इनकी प्रमुख कृतिया वन्स भास्कर तथा वीर सतसही है। 

कपिदत मेहता - बुंदी राज्य लोग परिषद के स्थापनाकर्ता  है।

किसनलाल सोनी -   इन्हे बूंदी में रेल लाने का श्रेय है इन्हें रेल बाबा के नाम से जाना जाता है।

बूंदी जिले के प्रमुख मेले और त्योहार


इंदरगढ़ का मेला : यह मेला बूंदी जिले के इंदरगढ़ क्षेत्र में वैशाख शुक्ला पूर्णिमा, चैत्र एवं आश्विन नवरात्रों में भरता है।

 कजली तीज/उजली तीज का मेला : यह मेला बूंदी में भादवा कृष्णा तृतीया को भरता है।

बूंदी जिले के प्रमुख मंदिर--

  • बिजासन माता का मंदिर, इंदरगढ़
  • केशवराय जी का मंदिर (केशोरायपाटन)
  • रक्तदंजी माता का मंदिर
  • हुंडेश्वर महादेव मंदिर

बूंदी जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल--

  • 84 खंभों की छतरी (धाबाई की छतरी)
  • रानी जी की बावड़ी
  • शिकार बुर्ज
  • राजमहल (गढ़ पैलेस)
  • चित्रशाला
  • सुख महल
  • जैतसागर
  • क्षारबाग (केसर बाग)
  • फूलसागर
  • बांसी दुगारी
  • रतनदोलत दरीखाना
  • गंगासागर-यमुनासागर कुंड
  • बाबा पीर साहब की दरगाह
  • मोती महल संग्रहालय
  • गरदड़ा रॉक पेंटिंग
  • हड़ुला लोक उत्सव
  • लाखेरी
  • रक्तदंजी माता का मंदिर
  • नवलखा झील
  • छत्र महल
  • तारागढ़ दुर्ग
  • नारूजी की बावड़ी
  • हुंडेश्वर महादेव का मंदिर (हिंडोली)
  • काला जी बावडी
  • नागर-सागर


बूंदी जिले के प्रश्न / Bundi G.K questions--

  • रणथंबोर के बागों का जच्चा घर किस अभयारण्य को कहा जाता है - रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य को 
  • सांपों की शरण स्थली किस अभयारण्य को कहा जाता है - रामगढ़ विषधारी वन्य जीव अभ्यारण्य को।
  • दुगारी पक्षी अभयारण्य किस अभयारण्य को कहा जाता है - कनक सागर पक्षी अभयारण्य को।
  • राजस्थान का सबसे छोटा आखेट निषिद्ध क्षेत्र कौन सा है - कनक सागर पक्षी अभयारण्य।
  • अनारकली की बावड़ी कहां स्थित है - बूंदी जिले में।
  • संतूरमाता सिंचाई परियोजना किस जिले में स्थित है - बूंदी जिले में।
  • चाकन सिंचाई परियोजना किस जिले में स्थित है - बूंदी जिले में।
  • पशु पक्षियों की शैली किस चित्र शैली को कहा जाता है - बूंदी शैली को।
  • बूंदी चित्र शैली का स्वर्ण काल किस शासक के काल को कहा जाता है - राव सुरजन सिंह हाडा के शासनकाल को।
  • भित्ति चित्रों का स्वर्ग किस चित्र शैली को कहा जाता है - बूंदी चित्र शैली को।
  • मोर के साथ सांप का एकमात्र चित्रण किस चित्र शैली में मिलता है - बूंदी चित्र शैली में।
  • रेल बाबा के नाम से प्रसिद्ध किशन लाल सोनी का संबंध किस जिले से हैं - बूंदी जिले से।
  • राजस्थान का प्रथम सीमेंट का कारखाना कहां स्थापित है - लाखेरी, बूंदी में।
  • बूंदी जिले की मीठे पानी की झील कौन सी है : - जय सागर, कनकसागर, नवलसागर, रामसागर झील आदि।
  • बूंदी जिले की प्रमुख नदियां कौन सी है - मेज नदी, चंबल नदी, मांगली नदी, तालेड़ा नदी, कुराल नदी, घोड़ा पछाड़ नदी आदि।
  • शेख अब्दुल अजीज मक्की की दरगाह किस जिले में स्थित है - बूंदी जिले में।
  • कजली तीज महोत्सव किस जिले में आयोजित होता है - बूंदी जिले में अगस्त माह में आयोजित होता है।
  • बूंदी रियासत के रियासत कालीन सिक्के कौन से हैं - रामशाही, चेहरेशाही, कटारशाही, ग्यारहसना सिक्के आदि।

  • बूंदी प्रजामंडल की स्थापना किसने की - कांतिलाल एवं नित्यानंद ने 1931 ईस्वी में की।
  • सती प्रथा पर पहली बार रोक किस रियासत ने लगाई - बूंदी रियासत ने 1822 ईसवी में।
  • भीमताल जलप्रपात किस नदी पर बना हुआ है - मांगली नदी पर बूंदी में।

बूंदी के अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न -

  •  बूंदी में प्रमुख महल - सुख महल, उम्मेद महल, छत्रमहल, रंगविलास महल, बूंदी का राजमहल आदि।  
  • बूंदी के प्रमुख छतरियां -  धाबाई छतरी, मुंसी रानी की छतरी (84 खम्भों की छतरी )
  • कनक सागर पक्षी अभयारण्य - राज्य का सबसे छोटा आखेट निषिद्ध क्षेत्र है।  
  • बूंदी की मीठे पानी की झीलें - जैतसागर, कनकसागर झील/दुगारी झील, नवलसागर, रामसागर झील (सारस क्रेन के लिए प्रसिद्ध ) 
  • बूंदी महोत्सव (प्रतिवर्ष 24 जून को ) एवं कजली तीज महोत्सव (अगस्त में ) बूंदी में आयोजित होते है। 
  •  बूंदी की प्रमुख नदियां - घोडा पछाड़ नदी, चम्बल नदी, मेज नदी, मांगली नदी, कुराल नदी, तालेड़ा नदी आदि।  
  • खातोली का युद्ध -  1517-18 ईस्वी में राणा सांगा एवं इब्राहिम लोदी के मध्य खातोली का युद्ध लड़ा गया था।  जिसमें राणा सांगा विजयी हुआ था और बूंदी राज्य पर अधिकार हो गया।
  • सती प्रथा  पहली बार रोक 1822  ईस्वी में बूंदी रियासत ने लगाई थी। 
  • भीमताल जलप्रपात मांगली नदी पर बूंदी में स्थित है। 
  • शेख अब्दुल अजीज मक्की की दरगाह बूंदी में स्थित है। 
  •  बूंदी के रियासत कालीन सिक्के - रामशाही सिक्के, चेहरेशाही सिक्के, ग्यारहसना सिक्के, कटारशाही सिक्के आदि। 
  • राजस्थान का प्रथम सीमेंट कारखाना - लाखेरी (बूंदी) में। 
  • राज्य में सहकारी क्षेत्र की  प्रथम शुगर मिल केशोरायपाटन में 1965 में स्थापित की गयी थी। यह मिल वर्तमान में बंद है। यह राजस्थान की तीसरी चीनी मिल है। 
  • बूंदी किसान आंदोलन - यह आंदोलन 1926 से 1943 तक चला था। इस किसान आंदोलन का नेतृत्व पंडित नयनूराम शर्मा ने किया था। इस आंदोलन में नानक जी भील शहीद हुए थे।  
  • बूंदी प्रजामण्डल - बूंदी प्रजामण्डल की स्थापना 1931 ईस्वी में कांतिलाल व नित्यानंद द्वारा की गयी थी।  देश की प्रथम बर्ड राइडर रोक पेंटिंग गरदड़ा गांव में छाजा नदी के किनारे प्राप्त हुई थी।  

1 comment:

All the best

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